बकरियों का चारा (Full Feeding of Goats)

बकरियों का चारा (फीडिंग ऑफ गोट्स)

बकरियों का चारा (Feeding of Goats)

बकरी पालन की शुरुआत में किसानों के सामने बकरियों के चारे को लेकर कई दुविधाएं होती हैं। बकरी फॉर्म खोलते समय किसानों को इस जानकारी का अभाव रहता है की बकरियों का चारा क्या हो।

हमारे फॉर्म जिसका नाम पूर्वांचल गोट फॉर्म है पर हम अपनी बकरियों को तरह-तरह की फ़ीड देते हैं। जो बकरियों की सेहत और बीमारियों से लड़ने की उनकी क्षमता, उनके भोजन पचाने की क्षमता के आधार पर होता है।

इस लेख में हम बकरियों के चारे के बारे में विस्तृत जानकारी देंगे।

बकरियों  के चारे को हम दो भागों में बांट सकते हैं जिसमे पहला है सूखा चारा और दूसरा है हरा चारा.

 सूखे चारे में हम निम्नलिखित फ़ीड  अपनी बकरियों को दे सकते हैं

1-  भूसा

2- गेहूं का चोकर

3-  सरसों का खल

4-  तीसी का खल

5-  चने की चूनी

6- अरहर की चूनी

7-  मटर की भूसी

8- मिनरल मिक्सचर (Agrimin Super)

चारे को कैसे तैयार करे-

सूखे चारे को तैयार करने के लिए आपको सबसे पहले गेहू के भूसे को पानी के साथ अच्छे से मिलाया जाता है। जिससे की भूसा थोड़ा गीला हो जाए और बकरिया उसे आराम से खा सके, फिर इसमे सरसों या तीसी का खल मिलाएंगे। ध्यान दे की आपको खल को कुछ देर पहले पानी मे भिगोना पड़ेगा। आप सरसों और तीसी दोनों के खल का मिश्रण भी बना सकते है।

खल मिलाने के बाद इसको भी अच्छी तरह से भूसे मे मिलाएंगे। इसके साथ आप चुन्नी और चोकर को पहले से पानी मे खल के साथ भीगा के इसी समय मिल सकते है, या फिर आप सूखे चूनी और चोकर को एक साथ मिलकर ऊपर से इसी फ़ीड मे मिला सकते है।

हमारे पूर्वांचल गोट फार्म के संचालक श्री चंदन पटेल ने इस पर विस्तार मे एक विडिओ बनाया है जिसे आप नीचे देख सकते है।

https://youtu.be/0jt5QbJS5E8
बकरियों को खिलाने के लिए गेहूँ का भूसा कैसे तैयार करे ?

हरे चारे मे आप सूडान घास, नेपियर घास, बरसीम घास अपने फ़ीड मे दे सकते है, इन सभी घास लगने के कम से कम 3-4 कटाई तक आपको पर्याप्त चारा दे देती है, आप इन्हे छोटे-छोटे टुकड़ों मे काट कर अपने जानवरों को फ़ीड दे दीजिए, इसके अलावा आप कई प्रकार के हरे पत्ते भी अपनी बकरियों को दे सकते है, जिसमे शामिल है पीपल, बरगद, शिरफल, गूलर आदि। पत्तियों के सेवन से बकरियों मे दस्त की समस्या भी कम होती है और इनका स्वास्थ्य ठीक बना रहता है।

हमारी वार्ता लाप किसान गोट फार्म के संचालक श्री विपुल जी से हुई और उनका कहना है कि, बरसात के समय हरे चारे मे कई बैक्टीरीया, वायरस, कीड़े इत्यादि पाए जाते है जिससे बकरियों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है इसके लिए उनका सुझाव था की आप सुबह का काटा हरा चारा अपनी बकरियों को शाम को दे और अगली सुबह दे।

उनके साथ की जुड़ी विडिओ मे आप यहाँ देख सकते है –

कुछ ध्यान देने योग्य बातें

1- चारा खिलाने के तुरंत बाद बकरियों    को पानी नहीं पिलाना चाहिए।

2- बकरियों को सारा दिन चारा नहीं देना चाहिए केवल सुबह और शाम देना चाहिए जिससे उनका खाया हुआ चारा आराम से पच सके।

3- फंगस लगा हुआ या फिर नमी युक्त अनाज या चारा कुछ भी नहीं देना चाहिए।

4 – यह भी ध्यान दे कि 40% हरा चारा  तथा 60% सूखा चारा होना चाहिए।

हमें आशा है के बकरियों का चारा, यह लेख आपको पसंद आया होगा। अन्य जानकारी के लिए आप हमारे यूट्यूब चैनल देसी किसान पर इससे जुड़ी सारी जानकारी विस्तार से प्राप्त कर सकते हैं|  

कुछ अन्य लेख:

बकरी फार्म कैसे शुरू करे: आवश्यकता,लाभ व कठिनाईया

अन्य जानकारी के लिए आप हमारे YouTube channel से इससे सम्बंधित पूरी जानकारी विस्तार से प्राप्त कर सकते है Desi Kisan.

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